[gt-link lang="hi" label="Hindi" widget_look="flags_name"] [gt-link lang="en" label="English" widget_look="flags_name"] [gt-link lang="ur" label="Urdu" widget_look="flags_name"] [gt-link lang="gu" label="Gujrat" widget_look="flags_name"]
खेल

नेतन्याहू और IDF चीफ के बीच जोरदार बहस, इजरायली PM बोले- ‘जंग के बीच मेरे खिलाफ ही…’

[ad_1]

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायली सेना (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ इयाल जमीर के बीच गाजा पट्टी पर पूर्ण कब्जे की योजना को लेकर तीखी बहस हुई है. यह बहस देश की सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के बीच गंभीर मतभेद को उजागर करती है, जिससे मौजूदा युद्ध के भविष्य पर कई सवाल उठने लगे हैं.

गाजा कब्जे को लेकर नेतन्याहू-जमीर में मतभेद
गाजा पट्टी पर पूरी तरह से कब्जा करना नेतन्याहू सरकार की योजना है, जिसे सेना प्रमुख इयाल जमीर खतरनाक मानते हैं. उनका मानना है कि इससे सेना और ज्यादा थक जाएगी और हमास के कब्जे में बंद 50 बंधकों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है.

बेटे की टिप्पणी पर भड़के IDF चीफ
नेतन्याहू के बेटे यैर नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर IDF चीफ पर “सैन्य तख्तापलट” की कोशिश का आरोप लगाया था. इसी मुद्दे पर बैठक में जमीर ने प्रधानमंत्री से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “युद्ध के बीच में आप मुझ पर हमला क्यों कर रहे हैं?” नेतन्याहू ने जवाब दिया, “मीडिया में इस्तीफे की धमकी मत दो.”

गाजा कब्जे पर बढ़ती चिंता
IDF प्रमुख का कहना है कि गाजा पर कब्जा सेना को थका देगा और बंधकों की जान जोखिम में डाल देगा. उनका सुझाव है कि गाजा शहर और अन्य इलाकों की घेराबंदी करके धीरे-धीरे आगे बढ़ा जाए, न कि पूरी पट्टी पर एक साथ कब्जा किया जाए.

नेतन्याहू की योजना और सियासी दबाव
नेतन्याहू को अपने धुर-दक्षिणपंथी गठबंधन सहयोगियों का दबाव है, जो लंबे समय से गाजा पर कब्जा चाहते हैं. इसी दबाव में उन्होंने गाजा पर कब्जे की योजना कैबिनेट में पेश करने को कहा है. उन्होंने जमीर से नई योजना तैयार करने को भी कहा है. वर्तमान में इजरायली सेना गाजा पट्टी के लगभग 75% हिस्से पर नियंत्रण पा चुकी है. लेकिन नेतन्याहू की योजना है कि अब पूरे गाजा पर नियंत्रण हो, जिससे वह इजरायल के सीधे अधीन आ जाए.

युद्ध और बंधकों की स्थिति
गाजा युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर हमले से शुरू हुआ, जिसमें 1,200 लोग मारे गए और 251 को बंधक बनाया गया. अब तक हमास 105 नागरिकों को रिहा कर चुका है. IDF ने 8 बंधकों को बचाया और 49 शव बरामद किए हैं, जिनमें से तीन को गलती से इजरायली सेना ने मार दिया था.

कैबिनेट वोटिंग से पहले विवाद
यह सारा विवाद उस वक्त सामने आया जब गुरुवार को गाजा पर पूर्ण कब्जे को लेकर कैबिनेट में वोटिंग होनी है. जमीर का इस्तीफा भी संभावित माना जा रहा है अगर उनकी आपत्तियों पर ध्यान नहीं दिया गया.

[ad_2]

Related Articles

Back to top button