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अन्तराष्ट्रीय

‘पिछड़े वर्ग को आरक्षण के लिए 42% कोटा बिल राष्ट्रपति के पास अटका’, तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने…

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तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है. रेड्डी ने बुधवार (6 अगस्त, 2025) को दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार को पिछड़ा वर्ग (बीसी) आरक्षण विधेयक को लेकर चेतावनी दी. उन्होंने कहा, “अगर तेलंगाना के पिछड़ा वर्ग (बीसी) आरक्षण विधेयक को पारित नहीं किया गया तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने की कोशिश करेंगे.”

सीएम रेवंत रेड्डी ने संसद में बीसी विधेयक पर बहस की मांग करते हुए केंद्र से शिक्षा, नौकरियों और स्थानीय निकायों में बीसी समुदाय के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाले विधेयकों को तत्काल पारित करने का आग्रह किया.

राहुल गांधी के नेतृत्व में हमने 42% आरक्षण का बिल लाया है- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने केंद्र और राष्ट्रपति पर निशाना साधते हुए कहा, “बीसी कोटा विधेयक चार महीनों से राष्ट्रपति के पास लंबित हैं और बार-बार अनुरोध के बावजूद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अभी तक मुलाकात के लिए समय नहीं दिया.” रेड्डी ने स्पष्ट किया कि तेलंगाना में जाति जनगणना कांग्रेस नेता राहुल गांधी के निर्देश पर आयोजित की गई थी. उन्होंने कहा, “राहुल गांधी के दृष्टिकोण के अनुरूप, हमने 42 प्रतिशत बीसी आरक्षण विधेयक लाया है. जब तक यह कोटा हासिल नहीं हो जाता है, हमारा संघर्ष जारी रहेगा.”

तेलंगाना के सीएम ने मंत्रियों, विधायकों के साथ जंतर-मंतर पर दिया धरना

इसी मांग को लेकर, बुधवार (6 अगस्त, 2025) को दिल्ली के जंतर-मंतर के पास एक विशाल धरना आयोजित किया गया. इस धरने में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के साथ उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रम अर्का, पीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़, सरकार के कई मंत्री, कांग्रेस विधायक, एमएलसी, बीसी संगठन के नेता और बड़ी संख्या में पार्टी के बीसी नेता शामिल हुए. इस धरने ने बीसी आरक्षण के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है.

रेवंत रेड्डी और कांग्रेस पार्टी की यह मुहिम बीसी समुदाय के अधिकारों के लिए एक सशक्त कदम माना जा रहा है. केंद्र सरकार पर बढ़ते दबाव के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह मुद्दा संसद में कैसे आगे बढ़ता है.

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