Saharanpur News: पूर्व विधायक इमरान मसूद बसपा से निष्कासित

Saharanpur News: पूर्व विधायक इमरान मसूद बसपा से निष्कासित

राहुल से यारी-बसपा से गद्दारी, इमरान को पड़ी भारीकांग्रेस से लगाव के चलते बसपा ने पार्टी से निकाला
– मायावती के निर्देश पर बसपा जिलाध्यक्ष ने जारी किया निष्कासन पत्र
– इमरान पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। जनपद के कद्दावार नेता पूर्व विधायक इमरान मसूद को कांग्रेस से लगाव और राहुल गांधी की तारीफ करना भारी पड़ा। बसपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया है। बसपा सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के निर्देश पर बसपा जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद ने इमरान के पार्टी से निष्कासन का पत्र जारी किया। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने और अनुशासन हीनता का आरोप लगाया है।
इमरान मसूद ने दो दिन पहले एक निजी चैनल से बीतचीत करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अपना पसंदीदा राजनेता बताते हुए उन्हें देश की राजनीति का हीरो बताया था। उन्होंने राहुल और प्रियंका गांधी की जमकर तारीफ की थी। उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में उनके कांग्रेस में फिर से घर वापसी की अटकलें तेज हो गईं। इमरान के राहुल गांधी की तारीफ करने और कांग्रेस से नजदीकी बढ़ाने पर मंगलवार को बसपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया।

बसपा जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद ने प्रेस नोट जारी कर इमरान मसूद के निष्कासन की जानकारी दी। जनेश्वर प्रसाद ने बताया कि पार्टी हाई कमान के निर्देश पर उनका निष्कासन किया है। बताया कि इमरान लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे। मेयर के चुनाव में परिवार के सदस्य को टिकट देने के लिए दबाव बनाया था। तय था कि यदि मेयर चुनाव नहीं जीते तो फिर लोकसभा का टिकट नहीं दिया जाएगा। उन्होंने पार्टी की सदस्यता की किताबें भी नहीं दीं। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने पर उनका निष्कासन किया। उधर, जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद ने बताया कि इमरान मसूद के भाई नोमान मसूद को भी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
—–पांच करोड़ देने की मेरी औकात नहीं : इमरान
– इमरान मसूद ने किए बसपा पर तीखे प्रहार
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। बसपा से निकाले जाने के बाद इमरान मसूद ने बसपा पर जमकर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि सदस्यता के लिए सहारनपुर से पार्टी के लिए पांच करोड़ रुपये मांगे गए थे। मेरी इनकी औकात नहीं है कि मैं पांच करोड़ रु़पये दूं। मैने बहनजी से पहले ही कह दिया था कि मेरे पास आदमी हैं, वोट हैं, मगर नोट नहीं है। बहनजी ने जो आशीर्वाद दिया था, उसके वजन को मैं समझता हूं, मैंने बसपा के उत्थान के लिए काम किया। चुनाव में मिले वोट से भी पार्टी को पता चल गया है कि मेरे पास कितना वोट है। वह मेयर चुनाव में दिखाई भी दिया है। पार्टी में शामिल बहनजी ने किया था, निष्कासन जिलाध्यक्ष कर रहा। आगे क्या रणनीति होगी, इस पर उन्होंने कहा कि यह आने वाले वक्त बताएगा, लेकिन लोकसभा चुनाव मैं हर हाल में लडूूंगा। उन्होंने कहा कि इमरान मसूद ने कहा कि बहनजी गठबंधन में नहीं गईं तो जीरो पर उत्तर प्रदेश में बहनजी आउट हो जाएंगी।दस माह में ही बसपा से निकाले गए
इमरान मसूद दस महीने बाद ही बसपा से निकाले गए। इमरान मसूद ने 2019 का लोकसभा चुुनाव सहारनपुर सीट से कांग्रेस के टिकट से लड़ा था। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले वो जनवरी 2022 को कांग्रेस का हाथ छोड़ कर सपा की साइकिल पर सवार हो गए थे। मगर उन्हें अखिलेश यादव ने टिकट नहीं दिया था। इसके बाद नगर निकाय चुनाव से पहले 19 अक्तूबर 2022 को वो सपा छोड़ कर बसपा में शामिल हुए थे। उनके बसपा से निष्कासन के बाद अब उनके अगले कदम पर सभी की निगाहें हैं। वहीं नोमान 2022 के विधानसभा चुनाव से रालोद छोड़कर बसपा में आए थे और गंगोह विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था।

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