Prayagraj : अतीक के बेटों की रिहाई पर जश्न मनाने वालों पर नजर, पहचान के लिए लगाई गई टीम

Prayagraj : अतीक के बेटों की रिहाई पर जश्न मनाने वालों पर नजर, पहचान के लिए लगाई गई टीम

अतीक के बेटों की रिहाई पर जश्न मनाने वालों पर पुलिस की नजर है। इसके साथ ही रिहाई के समय उनकी गाड़ी के पीछे काफिला बनाने वालों की भी पहचान की जा रही है। सोशल मीडिया पर जश्न की फोटो पोस्ट करने वालों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। ऐसे लोगों की पहचान के लिए पुलिस की एक टीम बनाई गई है। गाड़ी नंबरों और सोशल मीडिया एकाउंट को खंगाला जा रहा है। पता लगाया जा रहा है कि इन लोगों के अतीक के बेटों से कैसे संबंध थे। हालांकि, इस बारे में पुलिस का कोई भी अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं। पूरी कवायद गोपनीय तरीके से की जा रही हैअतीक के बेटे एहजम और उसके नाबालिग छोटे भाई की रिहाई के बाद जब उन्हें हटवा ले जाया जा रहा था। उनकी गाड़ी के पीछे धीरे-धीरे दर्जनों गाड़ियां लग गई थीं। लग रहा था जैसे काफिला जा रहा हो। इतना ही नहीं अतीक के तमाम समर्थकों और उसके बेटों के दोस्तों ने रास्ते और अपने घरों पर जमकर पटाखे दागे थे। कुछ लोगों ने अतीक के बेटों की गाड़ी के अगल-बगल घोड़े दौड़ाए थे और नारेबाजी भी की थी।अतीक के बेटे अभी हटवा पहुंचे भी नहीं थे कि अतीक के तमाम समर्थकों और बेटों के दोस्तों ने इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप पर जश्न की फोटो डालनी शुरू कर दीं। देर रात तक पूरे शहर में यह चर्चा का विषय बन गया। अतीक समर्थकों का यह रुख देखकर पुलिस वाले भी सकते में आ गए।

किसने दी रिहाई की लोकेशन

अतीक के बेटों की रिहाई को पुलिस वालों ने काफी गोपनीय रखा था। ऐसे में इतनी जल्दी समर्थकों को रिहाई के बारे में पता कैसे चला, अब इस पर मंथन किया जा रहा है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस की एक टीम पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जश्न मनाने वाले आखिर हैं कौन, उन्हें कैसे रिहाई के बारे में और गाड़ी की सटीक लोकेशन के बारे में पता चला।

सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने वालों और गाड़ियों से काफिला बनाने वालों की पहचान की कवायद शुरू कर दी गई है। पुलिस को तमाम गाड़ियों के नंबर भी मिले हैं। कुछ लोगों ने गाड़ी के अगल-बगल घोड़े भी दौड़ाए थे। उनके बारे में भी पता लगाया जा रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस क्या कार्रवाई करेगी, इस पर अधिकारी कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। फिलहाल उनका सारा जोर ऐसे लोगों की शिनाख्त पर है।

हटवा में वर्दी वालों के साथ सादे वेश में भी पुलिस तैनात

अतीक के दोनों बेटों को उनकी बुआ परवीन कुरैशी के सुपुर्द किया गया तो वह उन्हें लेकर अशरफ के साढ़ू अरशद के हटवा स्थित घर चली गईं। दरअसल, परवीन के मकान मालिक ने अतीक के बेटों को अपने घर में रखने से इन्कार कर दिया था। हटवा में कछारी इलाके में स्थित इस मकान में अतीक के बेटों के पहुंचने के बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई गई है। घर पर दो वर्दीधारियों की 24 घंटे तैनाती की गई है। इसके अलावा पुलिस ने एहतियातन सादे वेश में भी पुलिस को तैनात कर रखा है। बृहस्पतिवार को पूरामुफ्ती थाने की जीप और गश्त वाली गाड़ियों ने अरशद के घर के कई चक्कर लगाए। घर चारों ओर से सीसीटीवी कैमरों की जद में है।

पीएसी से सेवानिवृत्त अरशद है हिस्ट्रीशीटर

अतीक के बेटों को अशरफ के साढ़ू अरशद के घर रखा गया है। पीएसी में सिपाही रहा अरशद थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसका बेटा अल्तमश भी 30 लाख की रंगदारी मांगने के मामले में जेल जा चुका है। फिलहाल अरशद और अल्तमश दोनों घर पर ही हैं और अतीक के बेटों की खातिरदारी में जुटे हैं। अतीक के बेटों से मिलने जुलने वालों पर भी पुलिस की निगाह है। वहां तैनात पुलिस वालों को हिदायत है कि पूरी जांच और तलाशी के बाद ही किसी शख्स को अंदर जाने दिया जाए।

अतीक के आईएस-227 गैंग में 58 नाम और जुड़े

अतीक अहमद के गैंग आईएस-227 में 58 नए नामों की इंट्री हुई है। फिलहाल यह कवायद जारी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उमेश पाल हत्याकांड के बाद जांच में अतीक परिवार के कई मददगारों, हथियार मुहैया कराने वालों और छिपने में मदद करने वालों के बारे में पता चला था। सबसे हैरानी की बात थी कि कुछ लोग अतीक गिरोह से लंबे समय से जुड़े थे, लेकिन उनके आपराधिक रिकॉर्ड नहीं थे।

ऐसे लोगों को चिह्नित कर सूची बनाई जा रही है। अतीक के आईएस-227 गिरोह में कुल 137 सदस्य थे। इनमें से दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत भी हो चुकी है। मरने वालों की सूची में अतीक और अशरफ भी शामिल हैं। पुलिस सूची से मरने वालों के नाम हटा रही है और नए नामों को जोड़ा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही फाइनल सूची जारी की जाएगी।

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